Planets Name in Hindi-8 ग्रहो के नाम और उनकी जानकारी

Planets Name In Hindi – आप सभी ने कभी न कभी सौरमंडल का नाम जरूर सुना होगा. और आप सोच रहे होंगे सौरमंडल क्या होता है. तो आपको हम बता दें कि हम सभी मनुष्य सौरमंडल का एक हिस्सा है. लेकिन क्या आपको पता है कि हम कौन से सौरमंडल पर रहते हैं. तो हम आपको बता दें कि हम जिस सौरमंडल पर रहते हैं उसका नाम पृथ्वी है. इस पृथ्वी जैसे बहुत सारा सौरमंडल या ग्रह है. तो आज के इस लेख में हम सौरमंडल के बारे में बताने वाले हैं. क्या आप जानते हैं.

सौर्य मंडल यानी कि Solar System कितने ग्रह होते हैं. अगर आप नहीं जानते हैं तो कोई चिंता की बात नहीं है क्योंकि आज हम इस लेख में इसी के बारे में चर्चा करने वाले हैं. जैसे सौरमंडल क्या होते हैं और सौरमंडल में कितने ग्रह होते हैं. हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषा में आज हम समझाने वाले हैं (Planets Name In Hindi – English) सौर मंडल के सभी ग्रह के नाम आज हम हिंदी और इंग्लिश में बताने वाले हैं.

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सौर मंडल (Solar System) क्या है ?

Saurmandal Kise Kahate Hain : सूर्य और खगोलीय पिंड से मिलकर बने समूह को सौर मंडल कहा जाता है। यह सभी ग्रह (Planet) गुरुत्वाकर्षण के द्वारा एक दूसरे के साथ जुड़े होते हैं। खगोलीय वस्तुएं जो ब्रह्माण्ड में किसी तारे के आस पास परिक्रमा करती हैं उन्हें ग्रह मंडल कहते हैं जोकि दूसरे तारे ना हों जैसे कि  धूमकेतु, खगोलीय धूल, और प्राकृतिक उपग्रह आदि।

अब यहाँ पर यह सवाल भी उठता है कि खगोलीय पिंड या खगोलीय वास्तु किसे कहते हैं जिनसे मिलकर ग्रह मंडल बनता है। असल में सौर मंडल (Solar System) में जो चीज़ें प्राकृतिक रूप से पाई जाती हैं उन्हें खगोलीय पिंड कहा जाता है। यानिकि इनका निर्माण कुदरती रूप से होता है। उपग्रह तारे, ब्लैक होल, और बोन ग्रह आदि इसका एक उदाहरण हैं।

ग्रह (Planet) क्या है ?

Planet Kise Kahate Hain: किसी तारे कि चारों तरफ जो खगोलीय पिंड चक्कर लगाते हैं उन्हें ग्रह (Planet) कहते हैं। गुरुत्वाकर्षण बल की वजह से यह सभी ग्रह एक निश्चित दूरी से चक्कर लगाते हैं। इन सभी ग्रहों का आकार एक दूसरे से अलग होता है। दूसरे खगोलीय पिंडों का इनके आसपास कोई भी झुंड नहीं होता।

आपके दिमाग में अब यह सवाल भी जरूर आएगा कि आखिर तारों और ग्रहों में क्या अंतर होता है। आसान भाषा में आपको बताएं तो रात के समय में पूरब कि दिशा में चमकने वाले अधिकतर पिंड को तारे कहते हैं जो पश्चिम की तरफ अस्त हो जाते हैं। परन्तु इनके पीछे कुछ और भी पिंड होते हैं जिन्हे हम ग्रह (Planet) कहते हैं। ग्रह को अंग्रेज़ी में Planet भी कहा जाता है।

Planets Name In Hindi And English

ग्रह (Planet)Planets
मंगल ग्रह (Mangal Graha)Mars
बुध ग्रह (Budh Graha)Mercury
बृहस्पति ग्रह (Brihaspati Graha)Jupiter
शनि ग्रह (Shani Graha)Saturn
अरुण ग्रह (Arun Graha)Uranus
वरुण ग्रह (Varun Graha)Neptune
पृथ्वी ग्रह (Prithvi Graha)Earth
शुक्र ग्रह (Shukra Graha)Venus

Here is a table showing the planets in our solar system from largest to smallest, along with their approximate sizes:

PlanetSize relative to EarthApproximate Size (Diameter)
Jupiter1120% the size of Earth1,42,800 km
Saturn945% the size of Earth1,20,660 km
Uranus 400% the size of Earth51,118 km
Neptune388% the size of Earth49,528 km
Earth 100% the size of Earth12,756 km
Venus95% the size of Earth12,104 km
Mars53% the size of Earth6,779 km
Mercury 38% the size of Earth4,879 km

Please note that the sizes mentioned here are approximate diameters of the planets in kilometres. (कृपया ध्यान दें कि यहां उल्लिखित आकार किलोमीटर में ग्रहों के अनुमानित व्यास हैं।)

सौरमंडल के ग्रहों के नाम और चित्र | Planets Name in Hindi and English with Pictures

प्रथम ग्रह – बुध (Mercury)

Planets Name in Hindi-सभी ग्रहो के नाम और उनकी जानकारी
NASA

यह सौर मंडल का सबसे छोटा ग्रह है, सूर्य के सबसे निकट है, और यह सबसे कम समय – 88 दिन, सटीक रूप से – 88.97 दिन – में एक चक्कर पूरा करता है। इसका आकार पृथ्वी के चंद्रमा से थोड़ा बड़ा है। इसमें चंद्रमाओं की संख्या कम है और जलवायु प्रतिकूल है क्योंकि यह किसी भी प्रकार के जीवन के लिए सूर्य के बहुत करीब है।

  • बुध (Mercury), सूर्य का सबसे निकटम ग्रह और 8 ग्रहो में से सबसे छोटा ग्रह है।
  • बुध ग्रह पर सभी अन्य ग्रहो की अपेक्षा तापमान में ज्यादा उतार चढ़ाव होता है, यहाँ पर दिन का तापमान रात का तापमान −173 °C; −280 °F और दिन का तापमान लगभग 427 °C, 800 °F तक रहता है।
  • बुध ग्रह पृथ्वी की तरह ही एक चट्टानी पिंड है, जो की सौरमंडल के चार स्थलीय ग्रहों में से एक है।
  • बुध ग्रह लगभग 70% धातु व 30% सिलिकेट पदार्थ से मिलकर बना हुआ है। साथ ही यह आकर में ब्रह्माण्ड के बड़े उपग्रहों गेनिमेड और टाइटन से छोटा है, लेकिन यह वजन में इनसे भारी है।
  • बुध ग्रह की सतह पर कंक्रीट और पत्त्थर जैसी ज्यादा है, यहाँ पर इसके अलावा क्लोरीन, सल्फर भी शामिल है, इसकी सतह चन्द्रमा की तरह है। जो की देखने में हलके भूरे रंग या Grey रंग की होती है।
  • बुध ग्रह पर पृथ्वी या अन्य ग्रहो की तरह मौसम नहीं बदलते है।
  • बुध ग्रह पृथ्वी के आसमान में सुबह और शाम के समय नजर आता है। लेकिन इसे मध्यरात्रि को नहीं देखा जा सकता है।
  • अगर बुध ग्रह को पृथ्वी से देखा जाए, तो यह एक चमकते सितारे या उज्जवल वास्तु की तरह दिखाई देगा।
  • सूर्य से बुध ग्रह की दुरी लगभग 46,000,000 से लेकर 70,000,000 किमी तक मानी जाती है। इसे सूर्य का पूरा चक्कर लगाने में 88.979 या (88 दिन)पृथ्वी के दिन का समय लगता है।

दूसरा ग्रह – शुक्र (Venus)

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NASA

यह पृथ्वी से दिखाई देने वाली दूसरी सबसे चमकीली वस्तु है और अपनी धुरी पर 243 पृथ्वी दिनों में घूमती है, एक चक्कर पूरा करने में 224.7 पृथ्वी दिन लेती है (यह एक चक्कर पूरा करने में सभी ग्रहों के बीच अधिकतम समय लेती है)। यूरेनस को छोड़कर, यह अन्य सभी ग्रहों (पश्चिम से पूर्व) की ओर वामावर्त घूमता है। एक और अवलोकन यह है कि शुक्र पर एक दिन पृथ्वी पर एक वर्ष के बराबर होता है। आकार, आकार, द्रव्यमान, सूर्य से निकटता और घनी संरचना के संदर्भ में पृथ्वी के समान होने के कारण इसे पृथ्वी की जुड़वां बहन भी कहा जाता है।

  • शुक्र (Venus), सौरमंडल का दूसरा सबसे निकटम ग्रह है।
  • शुक्र ग्रह का नाम प्रेम और सौन्दर्य की रोमन देवी के नाम पर रखा गया था।
  • इस ग्रह की सतह पर वायुमंडल का दबाब पृथ्वी की सतह की तुलना में लगभग 92 गुना ज्यादा है।
  • शुक्र ग्रह चन्द्रमा के बाद आसमान में रात को सबसे ज्यादा चमकने वाली वास्तु है।
  • यह ग्रह सूर्य निकलने से पहले और सूर्यास्त के बाद सिर्फ कुछ ही देर की लिए अपनी ज्यादा चमकीला होता है। जिसकी वजह से यह कुछ प्राचीन संस्कृतियों द्वारा सुबह और शाम का तारा भी कहा जाता है।
  • यह सौरमंडल का सबसे गरम ग्रह है, जिसका तापमान 462°C रहता है।
  • शुक्र ग्रह एक स्थलीय ग्रह के रूप में भी जाना जाता है। इसका आकर, गुर्त्वाकर्षण, और बनावट के कारण इसे पृथ्वी की “बहन ग्रह” भी कहा गया है।
  • शुक्र ग्रह पृथ्वी का निकटम ग्रह है।
  • शुक्र ग्रह पर बहुत अधिक मात्रा में कार्बन डाईऑक्साइड पायी जाती है, इसके अलावा यह सल्फ्यूरिक एसिड युक्त बदलो की एक पारदर्शी परत से ढका हुआ है। जिसकी वजह से इसके ऊपर अंतरिक्ष के प्रकाश की किरणे नहीं पहुंच पाती है।
  • इस ग्रह की सतह पर सूखे शिलाखंड बिखरे हुए है, जिसकी वजह शुक्र को सूखा मरुस्थल भी कहते है, यह समय समय पर ज्वालामुखी के द्वारा ताजा होते रहते है।
  • शुक्र ग्रह की पृथ्वी से दुरी 2.6 करोड़ मील है, और सूर्य से इसकी दुरी 6.72 करोड़ मील है।
  • इस ग्रह को सूर्य की परिक्रमा करने में 224.7 पृथ्वी दिनों का समय लगता है। इसे हम इस तरह से भी के सकते है, की शुक्र ग्रहो को सूर्य की परिक्रमा करने में 25 दिनों में कुछ घंटे कम का समय लगता है।

तीसरा ग्रह – पृथ्वी (Earth)

planet earth
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यह जीवन का समर्थन करने वाला एकमात्र ज्ञात ग्रह है और सूर्य से तीसरे स्थान पर स्थित है। पृथ्वी की आयु लगभग 4.5 अरब वर्ष है। सूर्य के चारों ओर एक चक्र पूरा होने में 365.264 दिन लगते हैं, और अपनी धुरी के चारों ओर एक चक्कर पूरा करने में 24 घंटे लगते हैं (और 4 वर्षों में प्रत्येक चार पूर्ण चक्कर लगाने के बाद एक चक्कर पूरा करने में 366 दिन से एक दिन अधिक लगता है)। इसकी परत विभिन्न टेक्टोनिक प्लेटों में विखंडित है और 71% पानी (लिथोस्फीयर) में डूबी हुई है। ग्रह का तरल बाहरी कोर और ठोस आंतरिक कोर दोनों सक्रिय रहते हैं और ग्रह के चुंबकीय क्षेत्र का उत्पादन करते हैं।

  • र्य पृथ्वी से दुरी के स्थान पर तीसरा ग्रह है, जिसे विश्व कहते है। इसके अलावा पृथ्वी को नीला ग्रह भी कहा जाता है।
  • यह सौरमंडल के 8 ग्रहो में एक मात्र ऐसा ग्रह है, जहाँ पर जीवन है।
  • पृथ्वी का 71% भाग जल और 29% भाग भूमि से ढका हुआ है। पृथ्वी की सतह तरह तरह की प्लेटो से मिलकर बनी हुई है। इसके दोनों ध्रुवों पर बर्फ की एक मोटी परत जमी हुई है।
  • पृथ्वी पर पानी प्राकृतिक रूप से तीन अवस्थाओं में पाया जाता है। जिसमे आसमान से जल वाष्प और बादल के द्वारा, समुन्द्र में, समुंद्री जल के द्वारा, और पहाड़ो और नदियों के द्वारा पृथ्वी पर पानी पाया जाता है।
  • पृथ्वी का एक उपग्रह भी है, जिसका नाम चन्द्रमा है।
  • पृथ्वी की उत्त्पत्ति लगभग 4.54 अरब साल पहले की मानी जाती है। इस समय जीवों का विकास महासागरों में हुआ था, जिसके बाद पृथ्वी का वायुमंडल प्रभावित होना शुरू हो गया था। इस अनुमान के मुताबिक पृथ्वी पर जीवन का अनुमान 4.1 अरब साल पहले का माना जाता है।
  • पृथ्वी पर धीरे धीरे बहुत बदलाब हुए है, यह एक ऐसा ग्रह है, जिसकी सूर्य से एक उच्चतम दुरी, बेहतर जलवायु और समय समय पर बदलते मौसम के कारण यहाँ पर जीवन संभव है।
  • पृथ्वी ग्रह का वायुमंडल भी कई परतो से मिलकर बना हुआ है। इसमें सबसे ज्यादा आक्सीजन और नाइट्रोजन की मात्रा पायी जाती है। इसके साथ ही पृथ्वी के वायुमंडल में एक ओजोन गैस की परत भी मौजूद है, जो की हमें सूर्य से आने वाली हानिकारक पराबैंगनी किरणों से बचाती है।
  • कभी आपने आसमान से टूटता हुआ तारा जरूर देखा होगा। जो की आसमान से आता आता बिच में ही गायब हो जाता है। ऐसा इसलिए होता है, की जो भी उल्कापिण्ड पृथ्वी के वायुमण्डल में आता है, वह घर्षण के कारण वायुमंडल में ही छोटे छोटे टुकड़ो में टूटकर बिखर जाता है।
  • पृथ्वी की सबसे ऊपरी सतह बहुत कठोर है, यह पत्थरो और मिटटी से मिलकर बनी है। इसकी सतह पर विशाल पर्वत, द्वीप, समुन्द्र, नदियां, और पठार जैसी कई सुन्दर प्राकृतिक सुन्दर सरंचनाएँ है।
  • पृथ्वी ग्रह की दुरी सूर्य से लगभग 15 करोड़ किलोमीटर है। पृथ्वी सौरमंडल का सबसे बड़ा चट्टानी ग्रह है।
  • जिस तरह से सभी ग्रह सूर्य के चक्कर लगते है, उसी तरह से पृथ्वी भी सूर्य का चक्कर लगाती है, पृथ्वी को सूर्य का एक चक्कर लगाने 365 दिन का समय लगता है।
  • अब जानते है, की पृथ्वी पर दिन और रात किस कारण होते है। पृथ्वी अपनी दैनिक गति पर पश्चिम से पूरब की ओर घूमती है, पृथ्वी को अपने अक्ष पर एक चाकर लगाने में 24 घंटे का समय लगता है, जिसकी वजह से दिन और रात होते है।
  • सूर्य से पृथ्वी तक प्रकाश पहुंचने में 8.3 मिनट का समय लगता है।
  • पृथ्वी से चन्द्रमा की दुरी 384,4000 किलोमीटर है।

चौथा ग्रह – मंगल(Mars)

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Mars 2003

यह सौर मंडल का दूसरा सबसे छोटा ग्रह है और सूर्य से चार ग्रह दूर स्थित है। इसके लाल रंग (आयरन ऑक्साइड की उपस्थिति) के कारण इसे “लाल ग्रह” के रूप में भी जाना जाता है। फ़ोबोस और डेमोस इसके दो चंद्रमा हैं। वहां यात्रा करने के लिए 687 पृथ्वी दिवस और एक पूर्ण मंगल वर्ष की आवश्यकता होती है, और इसका गुरुत्वाकर्षण पृथ्वी का 38% (16,500 घंटे) है।

  • सौरमंडल में सामान्यतौर पर दो प्रकार के ग्रह होते है, स्थलीय ग्रह, जो की Vartual होते है, जिस तरह से पृथ्वी एक स्थलीय ग्रह है। और दूसरे “गैसीय ग्रह” जो की गैसों से बने होते है। सौरमंडल में ज्यादातर ग्रह गैसीय है।
  • मंगल ग्रह की सतह बहुत ही Rare है, यह चन्द्रमा की सतह की तरह है, और पृथ्वी की घाटियों, बर्फीली चोटियों और रेगिस्तानों की याद दिलाती है। सौरमंडल का सबसे ऊँचा पर्वत भी मंगल ग्रह पर ही स्तिथ है, जिसका नाम “ओलम्पस मोन्स” है।
  • मंगल ग्रह पर जीवन होने संभावना को हेमशा आँका गया है। मंगल ग्रह पर Satellite द्वारा देखगे गए कुछ गहरे निशानों से ऐसा अनुमान लगाया गया था, की इस ग्रह पर पानी हो सकता है, लेकिन जब मंगल ग्रह पर पहुंचे तो मालूम हुआ, की यह सिर्फ प्रकाशीय निशान के रूप मैं एक भ्रम है। लेकिन अभी भी मंगल ग्रह पर जीवन होने का महत्पूर्ण विकल्प है।
  • 1965 में मेरिनर ४ के द्वारा की पहली मंगल उडान से पहले तक यह माना जाता था कि ग्रह की सतह पर तरल अवस्था में जल हो सकता है। यह हल्के और गहरे रंग के धब्बों की आवर्तिक सूचनाओं पर आधारित था विशेष तौर पर, ध्रुवीय अक्षांशों, जो लंबे होने पर समुद्र और महाद्वीपों की तरह दिखते हैं, काले striations की व्याख्या कुछ प्रेक्षकों द्वारा पानी की सिंचाई नहरों के रूप में की गयी है। इन् सीधी रेखाओं की मौजूदगी बाद में सिद्ध नहीं हो पायी और ये माना गया कि ये रेखायें मात्र प्रकाशीय भ्रम के अलावा कुछ और नहीं हैं। फिर भी, सौर मंडल के सभी ग्रहों में पृथ्वी के अलावा, मंगल को जीवन विस्तार का महत्वपूर्ण विकल्प माना जाता है।
  • मंगल के दो उपग्रह है, जिनका नाम फो़बोस और डिमोज़ हैं। इन दोनों का आकर अनियमित और छोटा है।
  • मंगल ग्रह को पृथ्वी की सतह से नंगी आँखों से देखा जा सकता है। हालाँकि बृहस्पति ग्रह मंगल की तुलना में अधिक चमकीला और साफ दिखाई देता है, जब हम पृथ्वी से इसे नंगी आँखों से देखते है।
  • मंगल ग्रह से सूर्य की दुरी 250.61 मिलियन किलोमीटर है। मंगल और पृथ्वी पर दिन में सिर्फ कुछ ही मिनटों का अंतर है, पृथ्वी पर एक दिन 24 घंटे का होता है, और मंगल पर एक दिन 24 घंटे 37 मिनट का होता है।

पांचवा ग्रह – बृहस्पति (Jupiter)

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Nasa Jupiter

यह सभी ग्रहों में सबसे बड़ा है और सूर्य से पाँच ग्रह दूर स्थित है। इसके अतिरिक्त, यह आकाश की सबसे चमकीली वस्तुओं में से एक है जिसे बिना सहायता वाली आँखों से देखा जा सकता है। बृहस्पति एक विशाल गैस का गोला है जो सूर्य से एक हजार गुना बड़ा है और इसकी कोई स्पष्ट रूप से परिभाषित सतह नहीं है।

  • बृहस्पति ग्रह एक गैसीय पिंड है, जैसा की आपको पहले ही बताया गया है, की ग्रह दो प्रकार के होते है, गैसीय और Virtual Planet या आभासी ग्रह। बृहस्पति गैसीय ग्रहों की List में आता है।
  • इस ग्रह का द्रव्यमान सौरमंडल में मौजूद अन्य सात ग्रहो से ढाई गुना और सूर्य के हजारवें भाग की बराबर है। बृहस्पति को रात के समय पृथ्वी की सतह से नंगी आँखों द्वारा देखा जा सकता है।
  • बृहस्पति का नाम रोमन सभ्यता के देवता जुपिटर के नाम पर “जुपिटर” रखा गया था।
  • यह ग्रह चन्द्रमा और शुक्र के बाद आसमान में चमकने वाली तीसरी सबसे चमकीली वस्तु है।
  • बृहस्पति की सतह पर हीलियम और हाइड्रोज़ोन गैस पायी जाती है।
  • बृहस्पति के 79 प्राकृतिक उपग्रह है, जिसमे चार सबसे बड़े उपग्रह भी बृहस्पति पर ही मौजूद है। इनमे एक गैलीलियन उपग्रह के नाम से जाना जाता है। इसे 1610 में गैलीलियो गैलिली के द्वारा खोजा गया था। इसके अलावा यहाँ का सबसे बड़ा उपग्रह गैनिमीड है, जिसका आकर बुध ग्रह से भी ज्यादा बड़ा है।
  • बृहस्पति ग्रह की सूर्य से दुरी 77 करोड़ 80 लाख किलोमीटर है, इसे सूर्य का एक सम्पूर्ण चक्कर लगाने में 11.86 साल का समय लगता है।
  • बृहस्पति का गुरुत्वाकर्षण बल अन्य ग्रहों की अपेक्षा ज्यादा होने की वजह से इसका वजन पृथ्वी से लगभग 318 गुना ज्यादा है। जिसका आकर धरती से 11 गुना अधिक है।

छटा ग्रह – शनि (Saturn)

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NASA

यह सौर मंडल का दूसरा सबसे बड़ा ग्रह है और सूर्य से छठा ग्रह है। यह एक विशाल गैस ग्रह है जिसकी औसत त्रिज्या पृथ्वी से नौ गुना अधिक है। निकेल और लोहा आंतरिक कोर बनाते हैं। शनि का चुंबकीय क्षेत्र, जो पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र से थोड़ा कमजोर है, हाइड्रोजन परत के माध्यम से बहने वाली विद्युत धारा द्वारा निर्मित होता है।

  • शनि ग्रह से सूर्य की दुरी 1.4 अरब किलोमीटर से ज्यादा है। जिसकी वजह से शनि सूर्य का एक पूरा चक्कर लगाने में पृथ्वी के 10,759 दिन यानी की लगभग 30 साल का समय लेता है
  • शनि एक गैसीय ग्रह है, जिसका अंदरूनी भाग लोहा, सिलिकॉन, ऑक्ससीजन, हाइड्रोज़ोन, और मोटी चट्टानों से मिलकर बना है। इसकी बाहरी परत हीलियम तथा हाइड्रोजन से बनी है। शनि का वायुमंडल हमेशा हल्का पीला रहता है, इसका कारण है, ग्रह के ऊपरी वायुमंडल में अमोनिया क्रिस्टल का होना।
  • शनि ग्रह को गैस का गोला भी कहते है, वैज्ञानिको के अनुसार शनि सात छल्लो से मिलकर बना है। तथा इस ग्रह को पृथ्वी की सतह से नंगी आँखों के द्वारा भी देखगे जा सकता है। पृथ्वी से नंगी आखो के द्वारा देखे जाने वाला शनि अंतिम ग्रह है।
  • शनि का सबसे बड़ा उपग्रह टाइटन है, तथा यह सौरमंडल का दूसरा सबसे बड़ा उपग्रह भी है। इस उपग्रह का आकर बुध ग्रह से बड़ा है, जो की वायुमंडल को संजोकर रखने वाला एक मात्र उपग्रह है।

सातवां ग्रह – अरुण (Uranus)

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यह त्रिज्या के हिसाब से तीसरा सबसे बड़ा ग्रह है और द्रव्यमान के हिसाब से चौथा सबसे बड़ा ग्रह है। यह सूर्य से सातवाँ ग्रह है। इसे “आइस जायंट” के रूप में भी जाना जाता है, और जबकि इसके मुख्य घटक बृहस्पति और शनि के बराबर हैं, इसमें हाइड्रोकार्बन के साथ-साथ मीथेन, पानी और अमोनिया के अंश सहित अतिरिक्त बर्फ भी शामिल हैं। शुक्र को छोड़कर, यह सभी ग्रहों से विपरीत दिशा में घूमता है (यह पश्चिम से पूर्व की ओर घूमता है)।

  • अरुण का आकर पृथ्वी से 63 गुना ज्यादा बड़ा है, और यह द्रव्यमान में पृथ्वी से 14.5 गुना ज्यादा भारी है।
  • अरुण ग्रह की खोज 13 March 1781 में विलियम हरशल ने की थी। यह दूरबीन के द्वारा खोजै गया पहला ग्रह था।
  • सौरमंडल में चार गैसीय ग्रह है, जिनकी परत मिटटी-पत्थर की बजाय गैसों से बनी हुई है, साथ ही इनका आकर भी बहुत बड़ा है। इन गैसीय ग्रहो में से अरुण भी एक है।
  • अरुण ग्रह पर अमोनियाँ और मीथेन गैसों की जमी हुई बर्फ मौजूद है। इसलिए इसे खगोलीय विद्वानों में “बर्फ़ीले गैस दानव” की सूचि में भी डाला है।
  • अरुण सौरमंडल का सबसे ठंडा ग्रह है। इसका न्यूनतम तापमान -224° Centigrade तक मापा गया है। अरुण बदलो की कई परतो से ढका हुआ है, ऐसा माना जाता है, की इसके सबसे ऊपर की परत मीथेन गैस की है, और इसके बाद निचे पानी के बादल है। अगर इसके केंद्र में जाय जाएँ तो यहाँ पर बर्फ और पत्थर को देखा जा सकता है।
  • अरुण सौरमंडल का लेता हुआ ग्रह है। ऐसा इसलिए है, क्योकिं यह ग्रह अपने अक्ष पर लगभग 82° झुका हुआ है। जिसकी वजह से यह लेता हुआ नजर आता है।
  • अरुण ग्रह के 27 प्राकृतिक उपग्रह है। जो की पृथ्वी की विपरीत दिशा में चक्कर लगाते है।
  • अरुण ग्रह का रंग हल्का हरा दिखाई देता है, इसका कारण है, इस पर मौजूद मीथेन गैस की अधिक मात्रा का होना।

आठवा ग्रह – वरुण (Neptune)

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NASA

सौर मंडल का सबसे दूर का ग्रह जिसे नेप्च्यून के नाम से जाना जाता है, सूर्य से आठ ग्रह स्थित हैं। यह व्यास की दृष्टि से सौरमंडल का तीसरा सबसे विशाल, सबसे घना और चौथा सबसे बड़ा ग्रह है। यह पृथ्वी से 17 गुना बड़ा और अपने निकटतम पड़ोसी यूरेनस से कुछ हद तक भारी है।

  • वरुण ग्रह आकर में सौरमण्डल का चौथा सबसे बड़ा ग्रह है। और इसका द्रव्यमान पृथ्वी ग्रह से 17 गुना ज्यादा है।
  • वरुण पृथ्वी की अपेक्षा सूर्य से लगभग 30 गुना ज्यादा दूर है। वरुण को सूर्य का पूरा चक्कर लगाने में 164.79 साल का समय लगता है।
  • यह भी एक गैसीय ग्रह है, गैसीय ग्रहो को गैस दानव के नाम से जाना जाता है। क्योकिं इनकी सतह मिटटी पत्थर की ना होकर गैसों की होती है। और इनका आकर बहुत विशाल होता है।
  • अरुण और वरुण ग्रह बहुत हद तक एक जैसी ही है। अरुण और वरुण ग्रह की सतह पर बृहस्पति और शनि की अपेक्षा ज्यादा बर्फ जमी हुई है। जिसमे अमोनिया और मीथेन गैस मुख्य है।
  • वरुण सौरमंडल का पहला ऐसा ग्रह था जिसकी भविष्यवाणी इसे दिखे बिना ही गणित के आधार पर की गयी थी है। ऐसा इसलिए था, क्योकिं जब अरुण ग्रह की परिक्रमा में कुछ अजीब सी हलचल पायी गयी, तब वैज्ञानिको को पता लगा, की उसका नजदीकी ग्रह उस पर अपना गुर्त्वाकर्षाण प्रभाव डाल रहा है।
  • वैज्ञानिको ने पूरी खोजबीन करने के बाद वरुण को 23 सितम्बर 1846 को पहली बार दूरबीन से देखा, और इसका नाम “Neptune” रखा। प्राचीन काल में भारत में वरुण देवता के स्थान पर इसको हिंदी में वरुण कहा गया। प्राचीन रोमन धर्म में “नॅप्टयून” समुन्द्र के देवता थे, जिसकी वजह से इसे English में “नॅप्टयून” का नाम दिया गया है।
  • वरुण ग्रह पर मौसम का बदलाफ बिल्कुल साफ़ देखा जा सकता है। यहाँ पर तूफानी हवाएं अन्य सभी ग्रहों की अपेक्षा ज्यादा तीव्र होती है। जिनकी गति 2100 प्रति घटा तक देखी गयी है।
  • वरुण के 13 प्राकृतिक ज्ञात उपग्रह है, जिनमे ट्राइटन, डस्पीना, और थलेसा मुख्य है।

नौवें ग्रह का नाम- प्लूटो (सूची से हटा दिया गया)
प्लूटो हमारे सौर मंडल का नौवां संयंत्र था। लेकिन अब यह हमारे सौर मंडल का हिस्सा नहीं है।

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